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कोरोना का इलाज

आज पुरी दुनिया में कोरोना से जुझ रही है|कोरोना को लेकर लोग डरे हुए हैं और दिन प्रतिदिन लोगों की मृत्यु हो रही हैं| स्थिति सामान्य नहीं हो रही हैं बल्कि और भी स्थिति खराब होने का अंदाजा लगाया जा रहा है पर इसी बिच संत रामपाल जी महाराज जी कह रहे हैं कि अगर हम नियमों में रहकर सत भक्ति करेंगे तो हमारे पाप कर्म कटेंगे जिससे की हमारी घातक से घातक बीमारी भी खत्म हो सकती है|


पुर्ण गुरु से नाम उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर सत भक्ति करने से सर्व सुख व पूर्ण मोक्ष मिलता है|सत भक्ति करने से आने वाली आपदाएं  दूर होती हैं|



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कबीर साहेब जयंती VS कबीर साहेब प्रकट दिवस

कबीर प्रकट दिवस  जयंती तो उसकी मनाई जाती है जिसकी जन्म- मृत्यु होती है, लेकिन "कबीर साहेब" अविनाशी भगवान हैं, जिनकी कभी भी जन्म-मृत्यु नहीं होती। कबीर साहेब ने अपनी वाणियों में स्पष्ट किया है, कि उनका जन्म नहीं होता।  ना मेरा जन्म न गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया।  काशी नगर जल कमल पर डेरा, तहाँ जुलाहे ने पाया।  माता पिता मेरे कछु नाही, ना मेरे घर दासी।  जुलहे का सुत आन कहाया, जगत करे मेरी हांसी।।

Janmashtami :Lord Krishna

ऋग्वेद मंडल नंबर 9 सुक्त 1मंत्र 9 में लिखा है की पुर्ण परमात्मा माँ के गर्भ से जन्म नहीं लेता वो अवतरित होते हैं और उनकी परवरिश कुँवारी गायों के दूध से होती है | लेकिन जैसा की हमें पता कृष्ण जी ने देवकी माँ के गर्भ से जन्म लिया तथा उनकी परवरिश गायों के दूध से हुई | और दुसरी तरफ कबीर साहेब जी ही लहरतारा तालाब पर अवतरित हुए और उन्हें वहां से निसंतान दम्पति उठा कर ले गए और उनकी परवरिश कुँवारी गाय के दूध से हुई तो यह सिद्ध होता है कि पूर्ण  परमात्मा कबीर साहेब जी हैं | Krishna Janamashmi 

खराब शिक्षा स्तर

शिक्षा की दशा  शिक्षा की दशा हमारे देश में इतनी अच्छी नहीं है जितनी होनी चाहिए | लेकिन शहरों में निजी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर काफी सही है पर सरकारी स्कूलों मे छात्र -छात्राओ पर इतना ध्यान नहीं दिया जाता है | गावों मे शिक्षा की हालत बहुत ही खराब है | शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों की मान्यता के लिए जो मानक निर्धारित किए हैं उनके हिसाब से कमरों का साइज और संख्या तथा अध्यापकों की संख्या निर्धारित है। शायद ही किसी सरकारी स्कूल में ये मानक पूरे होते हों। अनेक सरकारी स्कूलों में पांच कक्षाओं पर दो कमरे और दो या तीन अध्यापक हैं। प्राइवेट स्कूलों के साथ ही सभी सरकारी स्कूलों में मानकों की पूर्ति सुनिश्चित किया जाये। प्राइवेट स्कूलों के लिए भूमि भवन और सम्पत्ति के वही मानक रहें जो उसी पंचायत के सरकारी स्कूलों में उपलब्ध हैं । बेहतर होगा मानकों में शिक्षास्तर, परीक्षाफल, अध्यापकों की योग्यता को सम्मिलित किया जाए। 2004 की ग्लोबल एजुकेशन रिपोर्ट में विश्व के 127 देशों में भारत का स्थान 106वां है। यद्यपि भारत विश्व की 10 सबसे तेज विकास करने वाली शक्तियों में शुमार है किंतु अ...